24 साल बाद पीड़ितों को मिला इंसाफ, जख्मों पर लगा मरहम
नई दिल्ली। मुंबई के बारे में कहा जाता है कि ये शहर कभी रुकता नहीं है। लोग अपनी रफ्तार से चलते रहते हैं और मायानगरी भी उसी कदम ताल के साथ आगे बढ़ती रहती है। लेकिन 1993 का वो वर्ष एक ऐसा दर्द दे गया, जिसकी टीस देश के हर हिस्से के लोग समान रूप…
