कुछ देर के लिए हक्के बक्के रह गये जब चिता पर रखी लाश की होंठ हिलने लगी।
स्वर्णरेखा बर्निंग घाट में गुरुवार को कुछ देर के लिए हक्के बक्के रह गये जब चिता पर रखी लाश की होंठ हिलने लगी। इसके बाद वहां अटकलों का दौर शुरू हो गया। अंतिम यात्रा में शामिल कई लोगों ने कहा कि महिला कुछ बुदबुदा रहीं हैं, हाथ में भी स्पंदन हो रहा है। इतने में…
