नई दिल्ली, 6 जनवरी: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। सोमवार रात कैंपस में लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, यह प्रदर्शन कुछ छात्र संगठनों द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। इसी दौरान नारेबाजी ने उग्र रूप ले लिया, जिससे कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया। आपत्तिजनक नारों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है।
घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर नारेबाजी में शामिल छात्रों की पहचान की जा रही है।
इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। जहां एक ओर सत्तारूढ़ दल ने इसे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों का अपमान बताया है, वहीं वामपंथी छात्र संगठनों का कहना है कि उनका प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत था।
फिलहाल JNU प्रशासन की ओर से इस मामले पर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कैंपस में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

