निकाय चुनाव के बीच माइयाँ योजना को लेकर छपी एक खबर पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
निकाय चुनाव के दौरान अखबारों में माइयाँ योजना की लाभुक महिलाओं को बिना गारंटी 20 हजार रुपये तक के लोन देने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने पर भाजपा ने आपत्ति जताई है। भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में राज्य निर्वाचन आयोग पहुँचा और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य में निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है, लेकिन सरकार इसे मानने को तैयार नहीं है। उनका आरोप है कि सरकार के इशारे पर यह खबर प्रकाशित कराकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की गई है।
भाजपा ने आयोग से मांग की है कि इस खबर के प्रकाशन के पीछे जिम्मेदार अधिकारी या पदाधिकारी की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि सरकार ने चुनाव को माइयाँ योजना से जोड़कर महिलाओं को प्रलोभन देने का प्रयास किया है।
शिकायत के बाद निर्वाचन आयोग ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में अशोक बड़ाईक और सीमा सिंह भी शामिल



