भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को सशक्त आधार देने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट झारखंड को विकास की नई रफ्तार देगा।
रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रूढ़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट निर्णय, सुधार और जनकल्याण की स्पष्ट सोच को दर्शाता है। यह बजट राज्यों, खासकर झारखंड, को विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे ले जाने वाला है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में झारखंड को ₹51,236 करोड़ का कर हस्तांतरण प्रस्तावित है, जबकि 2014 से अब तक राज्य को ₹3.14 लाख करोड़ से अधिक का कर हस्तांतरण मिल चुका है। इसके अलावा 2014-26 के दौरान ₹1.04 लाख करोड़ अनुदान के रूप में दिए गए हैं, जो सहकारी संघवाद की नीति का प्रमाण है।
विशेष पूंजीगत सहायता योजना के तहत 50 वर्षों की ब्याज-मुक्त ऋण सहायता से झारखंड को 2020-21 से जनवरी 2026 तक ₹11,567 करोड़ प्राप्त हुए, जिससे सड़क, सिंचाई, शहरी अवसंरचना और औद्योगिक परियोजनाओं को गति मिली है।
रेलवे क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण वाला राज्य बन चुका है। रेलवे बजट आवंटन 2009-14 के औसत ₹457 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹7,302 करोड़ हो गया है। राज्य के 57 स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है और रांची-पटना, रांची-वाराणसी समेत 7 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि देवघर और जमशेदपुर में नए हवाई अड्डे, वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, 3,600 किमी से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण और ₹30,000 करोड़ से ज्यादा की सड़क परियोजनाएं झारखंड की आर्थिक तस्वीर बदल रही हैं।
जनजातीय कल्याण पर जोर देते हुए रूढ़ी ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, पीएम-जनमन योजना और बहु-क्षेत्रीय परियोजनाओं से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के नए अवसर बन रहे हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 झारखंड को संसाधनों के साथ अवसर और दीर्घकालिक विकास की दिशा देता है तथा राज्य को विकसित भारत की यात्रा का मजबूत भागीदार बनाता है।


