रांची जिले को फाइलेरिया (हाथीपांव) मुक्त बनाने के उद्देश्य से 10 फरवरी 2026 को जिले के 619 बूथों पर Mass Drug Administration (MDA) कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जिलेवासियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
उपायुक्त ने विशेष रूप से राहे, सोनाहातु, तमाड़ और कांके प्रखंड के लोगों से बूथ पर पहुंचकर फाइलेरिया रोधी दवा लेने का आग्रह किया है। जिन लोग 10 फरवरी को बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे, उन्हें 25 फरवरी 2026 तक घर-घर जाकर दवा उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अभियान के तहत लगभग 4,91,014 लोगों को DEC और Albendazole दवा निःशुल्क दी जाएगी। गर्भवती महिलाएं, दो वर्ष से कम आयु के बच्चे और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि फाइलेरिया पूरी तरह रोकथाम योग्य बीमारी है और शत-प्रतिशत दवा सेवन से इसे जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से परिवार, पड़ोस और समुदाय को जागरूक करने की अपील की।
JSLPS (जीविका) से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को इस अभियान की रीढ़ बताते हुए उपायुक्त ने ग्राम स्तर पर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिला समूहों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फाइलेरिया से बचाव के लिए साल में एक बार निर्धारित दवा लेना जरूरी है। साथ ही साफ-सफाई, प्रभावित अंग की देखभाल, व्यायाम और मच्छरों से बचाव बेहद आवश्यक है।
उपायुक्त ने कहा कि यदि एक भी व्यक्ति दवा से वंचित रह गया, तो बीमारी फैल सकती है। इसलिए सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के लोगों से अभियान में सहयोग की अपेक्षा की गई है।
उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों, जीविका दीदियों, शिक्षकों, ग्राम प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से मिलकर 2026 को रांची के लिए फाइलेरिया-मुक्त वर्ष बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।


