झारखंड हाईकोर्ट में चतरा के तीन पुलिस पदाधिकारियों पर सख्ती, अवैध हिरासत मामले में कोर्ट ने मांगा जवाब


रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने चतरा जिले से जुड़े एक कथित अवैध हिरासत मामले की सुनवाई के दौरान सख्त रुख अपनाया है। खंडपीठ ने चतरा के एक डीएसपी और दो थाना प्रभारियों को कोर्ट रूम में उपस्थित रहने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई तक उन्हें अदालत में बैठने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी को निर्धारित की गई है।
मामला एक मैट्रिक के छात्र को कथित रूप से अवैध हिरासत में रखने से जुड़ा है। छात्र की मां की ओर से हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस ए.के. राय की खंडपीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पुलिस पदाधिकारियों से जवाब तलब किया।
अदालत ने पूछा कि 26 जनवरी की रात छात्र को उठाने के बाद पूछताछ पूरी होने पर उसे तुरंत क्यों नहीं छोड़ा गया और उसे कथित तौर पर कई दिनों तक हिरासत में क्यों रखा गया। सुनवाई के दौरान यह भी सवाल उठा कि संबंधित मामले का उल्लेख केस डायरी में दर्ज है या नहीं।
बताया गया कि लावालौंग थाना पुलिस द्वारा छात्र को हिरासत में लेने के बाद टंडवा थाना को सौंपा गया था। अदालत ने इस प्रक्रिया पर भी स्पष्टीकरण मांगा है। सुनवाई के दौरान चतरा एसपी को भी फोन के माध्यम से जोड़ा गया और केस डायरी का विवरण अदालत के समक्ष पढ़ा गया।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी को तय करते हुए संबंधित अधिकारियों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

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