रांची में आगामी 15 फरवरी 2026 को होने वाली महाशिवरात्रि को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उपायुक्त सह अध्यक्ष, रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पर्व को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकारी पूजा के समापन के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार खोले जाएंगे। जलाभिषेक के लिए अर्धा सिस्टम लागू रहेगा ताकि भक्तों को सुगमता से दर्शन का अवसर मिल सके।
सजावट और सुविधाओं की खास तैयारी
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिरों को फूलों से भव्य रूप से सजाया जाएगा और आकर्षक पुष्प द्वार बनाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खोया-पाया केंद्र, प्रभावी साउंड सिस्टम और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। आरती का लाइव प्रसारण दूरदर्शन से करने पर भी विचार किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था होगी कड़ी
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए छेड़छाड़, पॉकेटमारी और चोरी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए महिला और पुरुष पुलिस बल के साथ सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और मंदिर परिसर में लगातार पेट्रोलिंग होगी।
यातायात, नगर निगम, चिकित्सा और अग्निशमन दल की पर्याप्त तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और वॉलंटियर्स के लिए भोजन व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
प्लास्टिक मुक्त महाशिवरात्रि की अपील
उपायुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे महाशिवरात्रि के दौरान प्लास्टिक का उपयोग न करें। कपड़े के झोले, बांस की टोकरी और प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है। स्थानीय दुकानदारों से भी प्लास्टिक मुक्त विकल्प अपनाने को कहा गया है।
अतिक्रमण हटाने और बिजली सुरक्षा के निर्देश
पहाड़ी मंदिर के आसपास अतिक्रमण हटाने, असामाजिक तत्वों पर निगरानी और बिजली सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि पूजा के दौरान परंपराओं का पूर्ण निर्वहन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक रांची, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, अपर जिला दंडाधिकारी सहित समिति के सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर महाशिवरात्रि को शांतिपूर्ण और भव्य बनाने का संकल्प लिया।


