रांची : अंश-अंशिका की सकुशल वापसी पर जश्न, मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन
अंश-अंशिका की सकुशल घर वापसी के बाद पूरे इलाके में पुनर्जन्म जैसा माहौल देखने को मिला। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आज दिनांक 15 जनवरी 2026 को अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की ओर से मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल में भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने किया।
दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम के दौरान अंश और अंशिका को केक काटकर एवं दही-चूड़ा खिलाकर स्वागत किया गया। बच्चों की सुरक्षित वापसी पर परिजन, स्थानीय लोग और समिति के सदस्य भावुक नजर आए और खुशी का इजहार किया।
इस अवसर पर समिति के संयोजक कैलाश यादव ने कहा कि अपहृत अंश और अंशिका दोनों भाई-बहन का यह नया पुनर्जन्म है। 12 दिनों तक लापता रहने के बाद दोनों बच्चों का सकुशल मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका अबोध बच्चे हैं, जिन्हें अपहरणकर्ताओं ने कड़ाके की ठंड में अमानवीय परिस्थितियों में रखा। बच्चों को जमीन पर सुलाया गया, खाने-पीने और रहन-सहन की व्यवस्था बेहद खराब थी।
कैलाश यादव ने बताया कि बच्चों के पिता सुनील यादव अत्यंत गरीब और रोज कमाकर खाने वाले व्यक्ति हैं। ऐसी स्थिति में दोनों बच्चों का अपहरण पूरे परिवार के लिए असहनीय पीड़ा का कारण बन गया था। उन्होंने इस सकुशल वापसी को महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की असीम कृपा बताया।
उन्होंने कहा कि अपहरण की घटना के बाद संघर्ष समिति, पुलिस प्रशासन, पत्रकार समूह, नगरवासी, सामाजिक संगठनों और व्यवसायी परिवारों ने एकजुट होकर भरपूर सहयोग किया। शुरुआत से ही समिति और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल रहा। चरणबद्ध रणनीति के तहत आंदोलन और संवाद चलता रहा, जिससे परिजनों का मनोबल मजबूत बना रहा।
कैलाश यादव ने पुलिस प्रशासन की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन ने पुलिसिया विश्वसनीयता को जीवंत रखा है। अंश-अंशिका की सकुशल वापसी में शामिल सभी प्रशासनिक टीम के सदस्यों को जल्द ही सम्मानित किया जाएगा।
मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित इस दही-चूड़ा भोज में हजारों लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नंदन यादव, रंजन यादव, परमेश्वर सिंह, गौरीशंकर यादव, मिंटू पासवान, संजीत यादव, नीतू देवी, बबन यादव, अभिषेक साहू, मनीष राय, बबलू गोप, राहुल कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में उत्सव और संतोष का माहौल देखने को मिला।




