असम : अंतर-धार्मिक जमीन खरीद-बिक्री पर सख्ती, पुलिस जांच अनिवार्य
असम सरकार ने अंतर-धार्मिक जमीन हस्तांतरण को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब मुस्लिम समुदाय के लोग सीधे तौर पर हिंदू समुदाय की जमीन नहीं खरीद पाएंगे। इसी तरह, अन्य अंतर-धार्मिक जमीन लेन-देन पर भी कड़े नियम लागू होंगे।
सरकार के फैसले के अनुसार, अब ऐसे किसी भी जमीन हस्तांतरण से पहले प्रशासनिक और पुलिस जांच अनिवार्य होगी। जमीन खरीदने और बेचने वाले दोनों पक्षों की विस्तृत जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तरह के अवैध, दबाव में किए गए या विवादित सौदे को रोका जा सके।
राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला जमीन से जुड़े विवादों, अवैध कब्जे और सामाजिक तनाव की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रशासन का दावा है कि नए नियमों से पारदर्शिता बढ़ेगी और जमीन लेन-देन की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित होगी।
हालांकि, इस फैसले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे भेदभावपूर्ण करार दिया है, जबकि सरकार समर्थकों का कहना है कि यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है।
फिलहाल, नए नियमों के लागू होने के बाद अंतर-धार्मिक जमीन सौदों पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी और बिना अनुमति व जांच के कोई भी लेन-देन अमान्य माना जाएगा।

