मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य में विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग का कार्य 70 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है


रांची : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य में विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग का कार्य 70 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। उन्होंने निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों में इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। इसके लिए सरकारी कार्यालयों में विशेष कैंप लगाकर पदाधिकारियों एवं कर्मियों को मैपिंग प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुविधा मिल सके।
शनिवार को निर्वाचन सदन से आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी के साथ मतदाता सूची मैपिंग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर से आए मतदाताओं की उनके संबंधित राज्य की विगत गहन पुनरीक्षण वाली मतदाता सूची से मैपिंग कर रजिस्टर तैयार किया जाए। साथ ही एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ एवं डुप्लीकेट (ASDD) सूची का डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आगामी गहन पुनरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो। लक्ष्य है कि कोई भी पात्र भारतीय मतदाता सूची से वंचित न रहे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि कार्यालय द्वारा जारी स्टीकरों पर संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ का नाम, मतदान केंद्र संख्या, विधानसभा क्षेत्र एवं मोबाइल नंबर अंकित किया जाएगा। इन स्टीकरों को बीएलओ के कार्यक्षेत्र में प्रमुख स्थानों पर लगाया जाए, ताकि आम नागरिकों को अपने बीएलओ से संपर्क करने में आसानी हो सके। इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी 1950 टॉलफ्री नंबर और “बुक ए कॉल” फीचर के प्रचार पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची मैपिंग के दौरान निर्धारित आठ चेकपॉइंट का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। गलत मैपिंग से गहन पुनरीक्षण के समय समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। मतदाता पहचान पत्र की गुणवत्ता सुधारने के लिए बीएलओ को मोबाइल से फोटो लेकर बीएलओ ऐप पर अपलोड करने हेतु प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा 28 जनवरी से 6 फरवरी के बीच मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट–2 का प्रशिक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि गहन पुनरीक्षण के दौरान बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। अन्य राज्यों से प्राप्त दस्तावेजों के वेरिफिकेशन कार्य को उसी दिन पूरा करने तथा अवकाश के दिनों में भी रोस्टर ड्यूटी लगाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए। गलत दस्तावेज पाए जाने पर तत्काल रिपोर्ट कर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
बैठक में बोकारो जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त अजय नाथ झा, नोडल पदाधिकारी (प्रशिक्षण) देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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