मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का निरीक्षण किया
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज रानेश्वर प्रखंड के मुरगुनी में सिद्धेश्वरी नदी पर निर्माणाधीन मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने प्रगति कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और शेष बचे निर्माण कार्यों को अतिशीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान विधायक आलोक कुमार सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और सचिव प्रशांत कुमार भी मौजूद रहे।
22 हजार हेक्टेयर भूमि को मिलेगा सिंचाई का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना दुमका जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके पूर्ण होने पर मसलिया और रानेश्वर प्रखंड के 226 गांवों की 22,283 हेक्टेयर भूमि को भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी।
उन्होंने जोर दिया कि सिद्धेश्वरी नदी के जल का बहुउपयोगी तरीके से सदुपयोग किया जाए, ताकि इससे सिंचाई के साथ-साथ जल संरक्षण और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके।
80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण: कंपनी का दावा
परियोजना निर्माण कार्य कर रही एल ऐंड टी कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि:
- कुल कार्य का 80% हिस्सा पूरा हो चुका है
- नदी पर बन रहा बैराज लगभग तैयार
- 15 में से 90% गेटों का निर्माण पूर्ण
- तीन में से एक पंप हाउस तैयार, दो निर्माणाधीन
- पांच में से तीन डिलीवरी चेम्बर तैयार
- जनवरी 2026 तक 6400 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा शुरू हो जाएगी
1313 करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना
मुख्यमंत्री ने इस मेगा परियोजना का शिलान्यास नवंबर 2022 में किया था। लगभग 1313 करोड़ रुपये की लागत वाली यह योजना राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं में से एक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “हर खेत तक पानी पहुंचे — इसी सोच के साथ राज्यभर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक आधारित परियोजनाएँ किसानों की आय और जीवन को बदलेंगी।




