बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। सोमवार शाम 6 बजे 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर प्रचार थम गया। अब सभी उम्मीदवार घर-घर जाकर मतदाताओं से सीधा संपर्क कर समर्थन जुटाने में जुट गए हैं।
पहले चरण में मतदान 6 नवंबर (बुधवार) को होगा। यह चरण मुख्य रूप से उत्तर बिहार के जिलों में फैला है, जहां जातीय समीकरण, विकास के मुद्दे और स्थानीय सियासी परिस्थितियां परिणामों को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकती हैं।
इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प है —
जहां एक ओर एनडीए अपने शासनकाल के कार्यों और स्थिरता के मुद्दे पर जनता से वोट मांग रही है, वहीं महागठबंधन बेरोजगारी, महंगाई और किसान मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला बोल रहा है। इसी बीच, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहले चरण का मतदान राजनीतिक दिशा तय करने वाला संकेत साबित हो सकता है। जिन इलाकों में मतदान होना है, वहां से चुनावी परिणामों का रुझान पूरे राज्य में असर डाल सकता है।
अब सबकी निगाहें 6 नवंबर पर टिकी हैं, जब मतदाता तय करेंगे कि सत्ता की कुर्सी की राह किस ओर जाएगी।

