मयूराक्षी नदी के बीयर बांध में डूबे चार छात्र, लापरवाही से फिर बुझ गए चार घरों के चिराग
झारखंड के दुमका जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मिनी गोवा के नाम से मशहूर मयूराक्षी नदी के बीयर बांध में नहाने गए चार दोस्तों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है, वहीं स्थानीय लोग प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, दुमका जिले के जामा और मुफस्सिल थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित बीयर बांध में चार दोस्त कल शाम नहाने गए थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। कपड़े और मोबाइल किनारे मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन रातभर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सुबह स्थानीय लोगों की मदद से एक शव बरामद हुआ। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और मसानजोर से गोताखोर व नाव मंगाई गई। करीब डेढ़ बजे दोपहर तक बाकी तीन शव भी निकाल लिए गए।
मृतकों की पहचान
मृतक सभी इंटरमीडिएट छात्र थे और संत जोसेफ स्कूल में साथ पढ़ते थे। इनमें तीन दुमका और एक गोड्डा जिले का रहने वाला था।
- आर्यन (गोड्डा निवासी)
- कृष्ण सिंह (दुमका, बक्सी बांध)
- कृष (सोनवाडंगाल, एन कॉलेज छात्र)
- आर्यन (दुमका, जिला स्कूल छात्र)
परिजनों का दर्द और आक्रोश
परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
नीलकंठ झा (परिजन):
“हमारा बच्चा चला गया… प्रशासन की लापरवाही ने हमारे घर का चिराग बुझा दिया। इतने हादसों के बावजूद यहाँ कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं है।”
हिमांशु मिश्रा (छात्र नेता):
“मिनी गोवा जैसी खतरनाक जगह पर युवा आते हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा व्यवस्था नहीं की। हम मांग करते हैं कि तुरंत कदम उठाए जाएँ।”
सुधीर कुमार मंडल (जिला परिषद उपाध्यक्ष, दुमका):
“यह घटना बेहद दुखद है। प्रशासन को यहाँ स्थायी सुरक्षा इंतजाम करने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।”
पहले भी हो चुके हैं हादसे
गौरतलब है कि 2016 में भी इसी जगह पर 7 छात्रों की डूबकर मौत हो गई थी, जिनमें से एक का शव आज तक नहीं मिला। अब तक इस बांध में डेढ़ दर्जन से ज्यादा युवाओं की जान जा चुकी है। इसके बावजूद यहाँ सुरक्षा व्यवस्था नाममात्र की है।
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को यहाँ तत्काल चेतावनी बोर्ड लगाने, रेलिंग बनाने और स्थायी गोताखोर तैनात करने की जरूरत है।


