लातेहार का ललगड़ी गांव बना मिसाल, आज तक नहीं हुई चोरी डकैती की घटना
लातेहार की पहचान एक समय नक्सल हिंसा और आतंक के लिए होती थी, लेकिन इसी जिले का एक गांव ललगड़ी आज पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बना हुआ है। यहां के लोग अपराध और आपराधिक घटनाओं से कोसों दूर रहते हैं।
लातेहार सदर प्रखंड के पोचरा पंचायत में स्थित ललगड़ी गांव में आज तक ना तो चोरी हुई है और ना ही डकैती या हत्या जैसी कोई बड़ी वारदात। गांव में करीब 200 परिवार रहते हैं और सभी खरवार जनजाति से आते हैं।
ग्रामीणों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसी भी छोटे-मोटे विवाद को वे पंचायत और आपसी बैठक में ही सुलझा लेते हैं। इसी कारण गांव में आपसी प्रेम-भाव और भाईचारा बना रहता है।
ग्राम प्रधान और पूर्व मुखिया रामेश्वर सिंह बताते हैं कि गांव में न तो लड़ाई-झगड़ा होता है और न ही अपराध। इसी वजह से साल 2012 में हाई कोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश ने गांव को सम्मानित किया था और इसे पूरे प्रदेश के लिए सीखने योग्य बताया था।
ग्रामीण खेती-बाड़ी और पशुपालन पर अपनी आजीविका चलाते हैं। हालांकि शिक्षा व्यवस्था को लेकर गांव में अभी भी चुनौतियां हैं, जिसके कारण बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए बाहर भेजना पड़ता है।
लातेहार थाना प्रभारी सुरेंद्र महतो ने भी गांव के लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि यह गांव पूरे समाज के लिए एक आदर्श है, जहां लोग अपराध से दूर रहकर सकारात्मक माहौल बनाने में जुटे रहते हैं।




