नक्सली प्रभावित इलाका खूंटी में विकास की गाड़ी अभी तक नहीं पहुंची।
खूंटी जिला के अड़की प्रखंड, तोडांग पंचायत के सूत्रीकोलोम गांव में एक गर्भवती महिला को खटिया पर लादकर नदी पार कराया गया। सरकार ने विकास के नाम पर सड़क तो बना दिया लेकिन पुल बने भूल गई।
प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला के पति बिरसा नाग और ग्रामीणों ने मिलकर चारपाई पर ले जाने को है मजबूर। नदी के दोनों किनारों पर पक्की सड़क है, मगर पुल नहीं होने के कारण लोग अब भी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। पानी के तेज बहाव और पथरीली नदी में चार ग्रामीण खटिया को कांधे पर उठाकर नदी पार कर ममता वाहन तक पहुंचे। वहां से महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अड़की ले जाया गया।
गांव के लोगों ने बताया कि सरकार ने सड़क तो बना दी, मगर पुल की कमी ने विकास अधूरा छोड़ दिया है। सूत्रीकोलोम, फटका, नीचे मालुटी, कसमार जैसे दर्जनों गांवों में हालात ऐसे ही हैं। गर्भवती महिलाएं, बीमार लोग या कोई भी आपात स्थिति हो उनके लिए खटिया ही एम्बुलेंस है और नदी की धार ही सबसे बड़ी चुनौती।

