संबंधित स्कूलों में अध्ययनरत प्रति बच्चा प्रतिवर्ष 61,500 रुपये खर्च किए जा रहे हैं। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के निर्माण पर भी राशि खर्च की जा रही है। राज्य में संचालित 600 से अधिक छात्रावासों के रखरखाव के लिए विभाग ठोस कार्ययोजना तैयार कर रहा है।