नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। 11 हजार करोड़ से ज्यादा के पीएनबी बैंक घोटाले में नीरव मोदी की सीनाजोरी के बाद अब उनके वकील विजय अग्रवाल ने एक बड़ा बयान दिया है। विजय अग्रवाल का कहना है कि इस मामले में उनके मुवक्किल पर कानूनन कोई अपराध साबित नहीं होगा। इससे पहले नीरव मोदी ने पीएनबी को चिट्ठी लिखकर लोन की राशि न लौटा पाने में असमर्थता जताई थी।

क्या कहा विजय अग्रवाल ने:

पीएनबी घोटाला मामले में नीरव मोदी के वकील नियुक्त किए गए विजय अग्रवाल ने बताया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ केस का हाल 2जी और बोफोर्स घोटाले के जैसा ही होगा। एजेंसिया सिर्फ मीडिया मे शोर मचा रही हैं, लेकिन वो अदालत में उन पर कोई भी अपराध साबित नहीं कर पाएंगी। अग्रवाल ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि नीरव मोदी निर्दोष साबित होंगे।

फिच ने पीएनबी की वायाबिलिटी रेटिंग ‘बीबी’ रखी:

वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने रेटिंग वॉच नेगेटिव (आरडब्ल्यूएन) पर पंजाब नेशनल बैंक की वायाबिलिटी रेटिंग को “बीबी” रखा है। वहीं फिच इस मामले में बैंक की नियंत्रण विफलताओं की सीमा और पीएनबी की वित्तीय स्थिति पर प्रभाव की स्पष्टता सामने आने के बाद रेटिंग वाच में दोबारा विचार करेगा।

पीएनबी घोटाले पर दायर याचिका की सुनवाई करेगा SC:

देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट पीएनबी घोटाले मामले पर दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) की सुनवाई 23 फरवरी को करेगी। चीफ जस्टिल दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली ये बेंच इस याचिका पर सुनवाई करेगी जिसे वकील विनीत ढांडा की ओर दायर किया गया है।

घोटाले में शामिल बैंक कर्मियों पर हो सख्त कार्यवाही:

पीएनबी स्कैम मामले में एक पीआईएल दाखिल करने वाले विनीत ढांडा के वकील जेपी ढांडा ने उन बैंक कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की मांग की जिन्होंने घोटाले में मदद की है। साथ ही कहा कि घोटाले के लिए जिम्मेदार लोगों के 3 साल के कारावास को आजीवन कारावास में बदला जाए।

नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक को पत्र लिखकर बकाया चुकाने से किया इन्कार:

नीरव ने लिखा है कि 13 फरवरी को मैंने बकाया चुकाने के सिलसिले में प्रस्ताव रखा था। लेकिन, पैसा तुरंत वसूलने की जल्दबाजी में आपने इसके अगले दिन ही सार्वजनिक एलान कर दिया। 15 फरवरी को मैंने फिर से प्रस्ताव रखा। इसके बावजूद आपकी कार्रवाइयों ने मेरे ब्रांड और कारोबार को चौपट कर दिया है। इसके साथ ही आपने बकाया वसूली की अपनी क्षमता भी खत्म कर ली है।

पत्र में नीरव ने बैंक अधिकारियों के साथ अपनी और अपने प्रतिनिधियों की बातचीत का हवाला भी दिया है। इसके अलावा विगत 13 और 15 फरवरी को भेजे अपने ई-मेल का भी जिक्र किया है। उसने अपने भाई और पत्नी का नाम गलत तरीके से प्राथमिकी में डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन लोगों को उसके कारोबार से कोई लेना-देना नहीं रहता है।

उसने कहा है कि मेरी कंपनियों पर 11,400 करोड़ रुपये का कर्ज होने की बात पूरी तरह से गलत है। बैंक द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद भी मैंने प्रस्ताव रखा था कि आप फायरस्टार ग्रुप या उसकी कीमती संपत्तियों को बेचकर बकाया वसूल लीजिए। या फिर मुझे इजाजत दीजिए कि मैं अपने तीन फर्मों की संपत्तियों को बेचकर बकाया चुका दूं। उसने कहा है कि फायरस्टार इंटरनेशनल और फायस्टार डायमंड इंटरनेशनल किसी बैंक का डिफॉल्टर नहीं है और बैंकर पूरी तरह सुरक्षित हैं।

नीरव मोदी के घर पर ईडी के छापे, अब तक 5716 करोड़ की संपत्ति जब्त:

11,400 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले में जांच एजेंसियों की ओर से तलाशी और पूछताछ का सिलसिला पांचवें दिन भी जारी रहा। ईडी के अधिकारियों ने सोमवार को घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी के मुंबई स्थित घर पर छापा मारा। ईडी के अफसरों ने मुंबई, पुणे, औरंगाबाद, ठाणे, कोलकाता, दिल्ली और लखनऊ समेत देश के कई शहरों में 38 ठिकानों पर छापेमारी की। इन छापों के दौरान नीरव और मेहुल चौकसी के ठिकानों से 22 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई। इनमें हीरे, सोने के गहने और अन्य आभूषण शामिल हैं। इस तरह अब तक कुल मिलाकर 5,716 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।