हजारीबाग पुलिस ने उरीमारी थाना क्षेत्र में 31 दिसंबर 2025 को हुई फायरिंग की घटना का सफल उद्भेदन करते हुए कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के 9 सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 31 दिसंबर की सुबह करीब 4:30 बजे उरीमारी ओपी क्षेत्र अंतर्गत हेसाबेड़ा निवासी दसई मांझी के घर के पास अज्ञात अपराधियों द्वारा फायरिंग की गई थी। इस घटना की जिम्मेदारी राहुल दुबे गिरोह ने ली थी। मामले में बड़कागांव (उरीमारी ओपी) थाना कांड संख्या 286/25 के तहत केस दर्ज किया गया था।
घटना के उद्भेदन के लिए सदर एसडीपीओ अमित आनंद के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया। SIT टीम ने उरीमारी, गिद्दी, बड़कागांव और केरेडारी थाना क्षेत्रों में लगातार छापामारी अभियान चलाया।
इसी क्रम में 7 जनवरी 2026 की रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि राहुल दुबे गिरोह का सक्रिय सदस्य शिव राज उर्फ शिवा अपने सहयोगियों के साथ उरीमारी ओपी क्षेत्र के बघरैया फुटबॉल मैदान के पास किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। पुलिस को देखकर अपराधी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर 9 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि कुछ आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
तलाशी के दौरान पुलिस ने फायरिंग में प्रयुक्त 5 देशी पिस्टल, 17 जिंदा कारतूस और 6 मोबाइल फोन बरामद किए। इस संबंध में बड़कागांव (उरीमारी ओपी) थाना कांड संख्या 01/26 के तहत आर्म्स एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, राहुल दुबे गिरोह झारखंड के विभिन्न जिलों में रंगदारी, लेवी और फायरिंग की कई घटनाओं में शामिल रहा है। गिरफ्तार अपराधियों ने गिरोह के इशारे पर कई आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।



