झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। ‘मेघाबुरू’ विशेष अभियान के तहत चलाए गए सघन नक्सल विरोधी ऑपरेशन में कुल 15 नक्सलियों को मार गिराया गया है, जिनमें शीर्ष माओवादी कमांडर अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल है।
मारे गए नक्सली अनल दा पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 2.35 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वह लंबे समय से झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में नक्सली गतिविधियों का संचालन कर रहा था और कई बड़ी हिंसक घटनाओं में वांछित था।
सुरक्षा बलों के अनुसार, यह मुठभेड़ सारंडा के दुर्गम पहाड़ी और घने जंगल वाले क्षेत्र में हुई, जहां माओवादियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना के आधार पर अभियान शुरू किया गया था। ऑपरेशन के दौरान कई हार्डकोर उग्रवादी मारे गए, जबकि इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है।
मुठभेड़ स्थल से आधुनिक हथियार, गोला-बारूद और नक्सली दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है और क्षेत्र में उनकी कमर टूटने की उम्मीद है।
सुरक्षा एजेंसियों ने अभियान को नक्सलवाद के खिलाफ एक निर्णायक सफलता बताते हुए कहा है कि आगे भी ऐसे ऑपरेशन जारी रहेंगे, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित किया जा सके।

