सरकार का आर्थिक सर्वेक्षण पेश, ये है सर्वे की खास बातें 

budget main highlights of economic survey 2018 New Delhi: Union Finance Minister Arun Jaitley addresses the Foundation Day function of Security Printing Minting Corporation of India Limited (SPMCIL) in New Delhi on Friday. PTI Photo by Kamal Singh(PTI2_17_2017_000023B)

नई दिल्ली : बजट सत्र के पहले दिन पहले वित्तमंत्री अरुण जेटली आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट लोकसभा में पेश की। यह रिपोर्ट देश की आर्थिक स्थिति की वर्तमान स्थिति और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से मिलने वाले परिणामों को दर्शाती है।

आर्थिक समीक्षा की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं –

1. देश की आर्थिक वृद्धि दर वित्त वर्ष 2018-19 में 7-7.5 प्रतिशत रहेगी, भारत तीव्र वृद्धि वाली बड़ी अर्थव्यवस्था का तमगा फिर हासिल कर लेगा।

2. वित्त वर्ष 2017-18 में आर्थिक वृद्धि दर 6.75 प्रतिशत रहेगी।

3. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और शेयर कीमतों में तेज गिरावट के जोखिम के प्रति सतर्कता की जरूरत।

4. अगले साल का नीतिगत एजेंडा, कृषि क्षेत्र की मदद की जाए, एयर इंडिया का निजीकरण हो, बैंकों में पूंजी डालने का काम पूरा हो।

5. जीएसटी आंकड़े के अनुसार अप्रत्यक्ष करदाताओं की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि।

6. राज्यों, स्थानीय निकायों का कर संग्रह संघीय व्यवस्था वाले अन्य देशों के मुकाबले काफी कम।

7. नोटबंदी से वित्तीय बचतों को प्रोत्साहन।

8. गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) की समस्या के समाधान के लिये ऋण शोधन संहिता का उपयोग सक्रियता से किया जा रहा है।

9. खुदरा मुद्रास्फीति 2017-18 में औसतन 3.3 प्रतिशत, छह वित्त वर्ष में सबसे कम।

10. देश को अपीलीय तथा न्यायिक क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित मामलों के निपटान की जरूरत है।

11. गांव से लोगों के शहरों की ओर पलायन से कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी।

12. चालू वित्त वर्ष में किसानों के लिये 20,339 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता की मंजूरी दी गयी।

13. सेवा क्षेत्र में 2017-18 में एफडीआई 15 प्रतिशत बढ़ा।

14. वैश्विक व्यापार में सुधार से देश का अन्य देशों के साथ कारोबार मजबूत बने रहने की संभावना।

15. श्रम कानूनों के बेहतर तरीके से क्रियान्वयन के लिये प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाना चाहिए।

16. स्वच्छ भारत पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता का दायरा 2014 में 39 प्रतिशत से बढ़कर जनवरी 2018 में 76 प्रतिशत पहुंचा।

17. समावेशी वृद्धि को बढ़ावा देने के लिये शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे सामाजिक बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता।

18. गंभीर वायु प्रदूषण से निपटने के लिये केंद्र, राज्यों को सहयोग बढ़ाना चाहिए।

19. वित्त वर्ष 2017-18 समीक्षा का रंग गुलाबी जिसका मकसद महिलाओं से जुड़े मुद्दों को रेखांकित करना है।

20. भारतीय माता-पिता बेटे की चाह में ज्यादा संतान पैदा करते हैं।

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