‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे — देशभर में वर्षभर चलेगा स्मरणोत्सव
भारत के प्रेरणास्रोत और राष्ट्रीय भावना के प्रतीक राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को आज 150 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्र सरकार ने पूरे देश में वर्ष भर चलने वाले स्मरणोत्सव की शुरुआत की घोषणा की है।
इस भव्य समारोह का मुख्य आयोजन नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में किया जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और स्मरणोत्सव का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
‘वंदे मातरम’: स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा
‘वंदे मातरम’ को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में रचा था। यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक बना। इसे पहली बार 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में गाया गया था।
गीत के शब्दों ने देश के लाखों स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया और यह आज भी भारतीय एकता, मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रगौरव का प्रतीक बना हुआ है।
स्मरणोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक
सरकार ने ‘वंदे मातरम @150’ के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थानों, सांस्कृतिक संगठनों और राज्यों के सहयोग से वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है।
- देशभर में संगीत समारोह, कवि सम्मेलन, प्रदर्शनी और युवा संवाद आयोजित किए जाएंगे।
- स्कूलों और कॉलेजों में विशेष प्रतियोगिताएँ और ‘वंदे मातरम’ गायन समारोह होंगे।
- विदेशों में भारतीय दूतावासों के माध्यम से भी इस गीत की वैश्विक गूंज सुनाई देगी।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अवसर पर देशवासियों को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन में ‘वंदे मातरम’ की ऐतिहासिक भूमिका, उसकी सांस्कृतिक शक्ति और भारत के भविष्य के निर्माण में उसकी प्रेरणा पर जोर दिए जाने की उम्मीद है।

