साहस एवं धैर्य की प्राप्ति प्रभु से गहरे संबंध में निहित है : महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद
लोरेटो धर्मबहनों की संस्थापिका मेरी वार्ड का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने लोरेटो कॉन्वेंट में धन्यवादी मिस्सा बलिदान अर्पित किया।
कार्यक्रम के दौरान लोरेटो धर्मबहनों की संस्थापिका मेरी वार्ड को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया तथा समाज में महिलाओं को सम्मान और समान अधिकार दिलाने में उनके योगदान की सराहना की गई। अपने धर्मोपदेश में महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने कहा कि प्रभु यीशु ख्रीस्त को साहस और न्याय के लिए खड़े रहने की शक्ति पिता ईश्वर के साथ उनके गहरे संबंध से प्राप्त हुई। उसी प्रकार मेरी वार्ड ने भी ईश्वर के साथ अपने संबंध को सुदृढ़ कर समाज में महिलाओं के सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा पर विशेष बल देते हुए मेरी वार्ड ने समाज को नई दिशा दी। हमें भी अपने जीवन को ईश्वर से जोड़कर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
यह अवसर और भी विशेष रहा क्योंकि इसी दिन महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद का जन्मदिन भी मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। मिस्सा के समापन पर महाधर्माध्यक्ष ने लोरेटो धर्मबहनों को आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण की प्रशंसा की। जन्मदिन के अवसर पर केक काटा गया और सभी ने एक-दूसरे को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
लोरेटो धर्मबहनों की संस्थापिका मेरी वार्ड के पर्व एवं महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद के जन्मदिन के अवसर पर राँची येसु धर्म संघ के प्रोविंशियल फा. अजित कुमार खेस, डोरंडा के पल्ली पुरोहित फा. यूस्टस, सहायक पल्ली पुरोहित फा. अमित डुंगडूंग, फा. किरण, फा. असीम मिंज, सि. पुष्पा सहित अन्य धर्मबहनें, लोरेटो विद्यालय की ख्रीस्तीय छात्राएं एवं उनके माता-पिता उपस्थित रहे।




