लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत, नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय पर्व का शुभारंभ
लोक आस्था का प्रतीक छठ महापर्व आज से विधिवत रूप से शुरू हो गया है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय के साथ इस चार दिवसीय महापर्व की शुरुआत हुई, जो 28 अक्टूबर तक चलेगा।
इस अवसर पर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। लाखों श्रद्धालु, खासकर महिलाएं, सूर्य देव और छठी मैया की उपासना में लीन हैं।
घरों में आज नहाय-खाय की परंपरा निभाई जा रही है। महिलाएं स्नान कर पवित्रता के साथ एक बार भोजन ग्रहण कर व्रत की शुरुआत कर रही हैं। कल खरना होगा, जिसके साथ 36 घंटे के निर्जला व्रत की शुरुआत होगी।
यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रकृति, शुद्धता और पारिवारिक समृद्धि का संदेश भी देता है। नदी, तालाब और घाटों पर साफ-सफाई और सजावट का कार्य जारी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं।
छठ महापर्व सूर्य उपासना का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। इसमें उदयमान और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर स्वास्थ्य, संतान सुख और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है।

