रेलवे जीएम ने क्षतिग्रस्त पुल पिलरों का किया निरीक्षण
रांची–लोहरदगा रूट पर मार्च तक ट्रेनों का परिचालन बंद
लोहरदगा।
लोहरदगा–रांची–टोरी रेलमार्ग पर रेलगाड़ियों का परिचालन मार्च 2026 के बाद ही सामान्य हो सकेगा। कोयल नदी पर बने रेलवे पुल में दरार आने के बाद इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप है। फिलहाल क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का कार्य जारी है।
मंगलवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) श्री अनिल कुमार मिश्रा ने तकनीकी अधिकारियों की टीम के साथ कोयल नदी पर बने रेलवे पुल का निरीक्षण किया। विशेष सैलून कोच से लोहरदगा पहुंचकर उन्होंने पुल के पिलरों की स्थिति, संरचनात्मक सुरक्षा तथा ट्रेनों के परिचालन से संबंधित व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान रेलवे अधिकारियों ने पुल की वर्तमान स्थिति, मरम्मत कार्य की प्रगति एवं आगे की कार्ययोजना से जीएम को अवगत कराया।
बालू उठाव से पिलर क्षतिग्रस्त
इस अवसर पर जीएम श्री अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि पुल के आसपास बड़े पैमाने पर अवैध बालू उठाव के कारण पुल के पिलरों का फाउंडेशन एक्सपोज हो गया है। इसके साथ ही नदी के तेज बहाव के चलते पिलरों को क्षति पहुंची है, जिससे पुल की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हुई है।
उन्होंने बताया कि 15 फरवरी तक सॉइल टेस्टिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके आधार पर मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है, जिसे मार्च के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरम्मत कार्य पूर्ण होने तक राजधानी एक्सप्रेस सहित अन्य एक्सप्रेस एवं यात्री रेलगाड़ियों का परिचालन इस रूट पर बंद रहेगा। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तकनीकी एवं संरचनात्मक मानकों के अनुरूप कार्य किया जा रहा है।
रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मरम्मत कार्य पूरा होते ही रांची–लोहरदगा रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन पुनः सामान्य कर दिया जाएगा।

