झारखंड के राँची जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों के सम्मान में एक सराहनीय पहल की गई। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में विशेष पेंशन दरबार सह सेवा-निवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कुल 24 सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट सेवाकाल के लिए शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिह्न (मोमेंटो) और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशनरी लाभ बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि
कार्यक्रम की सबसे अहम विशेषता यह रही कि सभी शिक्षकों को रिटायरमेंट के ठीक उसी दिन पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य पेंशनरी लाभ उपलब्ध कराए गए। उपायुक्त ने इसे प्रशासन की संवेदनशील, पारदर्शी और कर्मचारी-हितैषी नीति का उदाहरण बताया।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा
“शिक्षक समाज की नींव होते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी प्रशासन का दायित्व है कि उन्हें सम्मान और समयबद्ध लाभ मिले, ताकि वे बिना किसी चिंता के जीवन की नई पारी शुरू कर सकें।”
अन्य विभागों को भी अपनाना चाहिए यह मॉडल , उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यह पहल केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सभी विभागों को इसी तरह पेंशन दरबार एवं विदाई सम्मान समारोह आयोजित करना चाहिए।
साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय को निर्देश दिया गया कि इस व्यवस्था को नियमित रूप से लागू किया जाए, ताकि राँची जिले के सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को यह सम्मान और लाभ समय पर मिल सके।
जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा जनवरी 2025 से हर माह इस तरह का आयोजन किया जा रहा है, जो एक अनुकरणीय उदाहरण बन चुका है।



