झारखंड कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘ब्लॉक संवाद कार्यक्रम’ ने मांडर और चान्हो प्रखंड में संगठनात्मक हलचल तेज कर दी है। कार्यक्रम के दौरान मनरेगा संग्राम, पेसा कानून और SIR जैसे अहम मुद्दों पर कांग्रेस के BLA (बूथ लेवल एजेंट) के साथ गहन चर्चा और प्रशिक्षण दिया गया।
शनिवार को यह संवाद कार्यक्रम मांडर फॉरेस्ट मैदान और चान्हो स्थित शहीद वीर बुधु भगत इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की विशेष रूप से मौजूद रहे।
18 साल में जो बीजेपी नहीं कर पाई, वो कांग्रेस-JMM सरकार ने किया: शिल्पी नेहा तिर्की
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में पारंपरिक ग्राम व्यवस्था को संरक्षित करने के उद्देश्य से 1996 में कांग्रेस सरकार द्वारा पेसा कानून लाया गया था, लेकिन झारखंड में 18 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद बीजेपी पेसा नियमावली तक लागू नहीं कर सकी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस ने पेसा कानून को लेकर जनता को भ्रमित किया, ताकि ग्राम सभा को उसका वास्तविक अधिकार न मिल सके।
मंत्री ने कहा कि कांग्रेस–JMM सरकार ने पेसा नियमावली लागू कर पारंपरिक ग्राम सभा को सामुदायिक संसाधनों पर अधिकार दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड देश का ऐसा राज्य है जहां पेसा नियमावली के तहत योजनाओं के लिए ग्राम सभा से केवल परामर्श नहीं, बल्कि सहमति अनिवार्य है, जो ग्राम सभा को मिली बड़ी ताकत का प्रमाण है।
मनरेगा कमजोर करने और पलायन बढ़ाने का आरोप
शिल्पी नेहा तिर्की ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में मनरेगा को कमजोर करने का काम किया गया है।
पहले ग्रामीणों को जरूरत के अनुसार काम और रोजगार की गारंटी मिलती थी, लेकिन अब केंद्र सरकार योजना और स्थान दोनों तय कर रही है, जिससे ग्रामीण रोजगार खत्म हो रहा है और पलायन बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर लोगों को उनके वोट के अधिकार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस के BLA गांव-घर जाकर SIR की प्रक्रिया को समझाने और जनता की मदद करेंगे।



