भारत विरोधी विचारों से भरा है अल्पा शाह का बयान, मुख्यमंत्री किस एजेंडे पर कर रहे मुलाकात… — बाबूलाल मरांडी
रांची :
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी प्रस्तावित विदेश यात्रा और मुलाकात पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मरांडी ने कहा कि क्या झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को यह जानकारी भी है कि वे 23 जनवरी को ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में किससे मिलने जा रहे हैं? खबरों के मुताबिक मुख्यमंत्री वहां प्रोफेसर अल्पा शाह से मुलाकात करेंगे, जिसका एजेंडा “Sustainable Development” बताया जा रहा है। लेकिन क्या मुख्यमंत्री और उनके सलाहकारों को इस तथाकथित ‘विशिष्ट अतिथि’ की असल पृष्ठभूमि का ज्ञान है?
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अल्पा शाह वही व्यक्ति हैं, जिन्हें उनके लेखन और विचारधारा के कारण “अर्बन नक्सल” और वामपंथी एजेंडे का समर्थक माना जाता है। उनकी पुस्तक “Nightmarch: Among India’s Revolutionary Guerrillas” में नक्सलियों के प्रति सहानुभूति दिखाई देती है और उन्हें ‘क्रांतिकारी’ के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि यही विचारधारा कश्मीर को भारत से अलग करने और जनमत संग्रह की वकालत करती रही है, भारतीय सुरक्षा बलों पर निराधार आरोप लगाती है और देश के आदिवासी समाज को भ्रमित कर सामाजिक वैमनस्य फैलाने का काम करती है।
उन्होंने कहा कि सवाल सीधा है—क्या एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री को ऐसी महिला से मिलना शोभा देता है, जिनका रिकॉर्ड भारत विरोधी बयानों और नक्सलवाद के महिमामंडन से भरा पड़ा हो? क्या यह झारखंड की जनता और देश के शहीदों का अपमान नहीं है?
अंत में मरांडी ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि विदेशी धरती पर वे किस विचारधारा को मंच दे रहे हैं, इस पर गंभीरता से विचार करें।
