बोर्ड परीक्षा में एक भी बच्चा फेल न हो,  शिक्षा सचिव का सख्त निर्देश, जीरो फेलियर’ लक्ष्य तय किया गया। 

रांची में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के तहत स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने की, जिसमें सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और पीएमश्री विद्यालयों की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक में सचिव ने आगामी सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया कि छात्रों की तैयारी इस स्तर की हो कि एक भी बच्चा अनुत्तीर्ण न हो। इसके लिए सभी सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में नियमित और प्रभावी रेमिडियल कक्षाएं चलाने का आदेश दिया गया। उन्होंने ‘इनोवेटिव एप्रोच’ अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहेगा, उनके प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।

सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि 17 फरवरी तक सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के शिक्षकों को किसी भी गैर-शैक्षणिक कार्य में नहीं लगाया जाएगा। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी सीबीएसई मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पीएमश्री विद्यालयों पर विशेष फोकस

बैठक में राज्य के 363 पीएमश्री विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सचिव ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को 21 निर्धारित संकेतकों का अनिवार्य स्थलीय निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के भीतर राज्य स्तरीय टीम भी पीएमश्री विद्यालयों का भ्रमण करेगी, जबकि फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च में केंद्रीय टीम का निरीक्षण प्रस्तावित है।

सचिव ने लक्ष्य तय करते हुए कहा कि 28 फरवरी 2026 तक सभी पीएमश्री विद्यालय 21 संकेतकों में न्यूनतम 75 प्रतिशत स्कोर सुनिश्चित करें। बजटीय गतिविधियों के क्रियान्वयन में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए खूंटी जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी और सहायक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में राज्य परियोजना निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षा अधीक्षक, अभियंता, प्रधानाचार्य और विद्यालय प्रबंधक समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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