बोकारो शहर से एक ऐसी हृदयस्पर्शी घटना सामने आई है जिसने इंसानियत और रिश्तों की असली तस्वीर पेश कर दी। जहां सगे बेटे और दोनों बेटियों ने अपने फर्ज से मुंह मोड़ लिया, वहीं छोटी बहू ने बेटे का पूरा धर्म निभाते हुए अपने ससुर की अर्थी को कंधा दिया और खुद मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।
सेक्टर-9, स्ट्रीट-2 निवासी 80 वर्षीय शोभाकांत ठाकुर का बुधवार को निधन हो गया। उनके दो बेटे और दो बेटियां थीं। दुर्भाग्य से छोटा बेटा संजय ठाकुर कुछ वर्ष पूर्व ही दिवंगत हो चुका था।
अंतिम संस्कार के दौरान जब पार्थिव शरीर को कंधा देने और मुखाग्नि देने की बारी आई, तो जीवित बड़े बेटे ने मुखाग्नि देने से साफ इनकार कर दिया। वहीं दोनों बेटियां, जो बोकारो शहर में ही निवास करती हैं, अपने पिता के अंतिम दर्शन तक के लिए भी नहीं पहुंचीं।
इस विषम परिस्थिति में स्वर्गीय संजय ठाकुर की पत्नी और घर की छोटी बहू नूतन ठाकुर ने साहस का परिचय दिया। उन्होंने न सिर्फ अपने ससुर के पार्थिव शरीर को कंधा दिया, बल्कि दामोदर घाट पहुंचकर स्वयं मुखाग्नि दी, और बेटे का पूरा फर्ज निभाया।
इस घटना ने समाज के सामने रिश्तों की सच्चाई और बहू के प्रति नजरिये को एक नई दिशा दी है। स्थानीय लोगों ने नूतन ठाकुर के इस कदम की जमकर सराहना की और इसे मानवीय संवेदना व कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बताया।

