मिथिला की पुरानी परंपरा है ।जब बेटी का घरवाश होता है तो मायके से फल पकवान वस्त्र आभूषण समेत कई जरूरत की सामग्री भेजी जाती है।कुछ ऐसा ही उत्साह का माहौल है रामलला के नए गृह प्रवेश को लेकर ।पिछले सत्तर साल से टेंट में रह रहे राम लला को अब नया घर मिला है तो लोगो में खुशी है यह खुशी भारत के अलावा उस मुल्क में भी है जहा से माता सीता का सीधा संबंध है ।इस संबंध के जरिए लोगो खुशी के मारे अभिभूत है ।नेपाल का जनकपुर माता सीता का मायका माना जाता है ।नए गृह प्रवेश को लेकर जनकपुर वासी खासे उत्साहित है और अपनी बहन बेटी के लिए गृह प्रवेश के उपलक्ष में कीमती से कीमती सामान नेपाल से आगामी 3 जनवरी को अयोध्या के लिए रवाना होंगी इसको लेकर यहां तैयारी जोर शोर से चल रही है ।जो सामग्री भेजी जाएगी उसमे फल मिष्ठान ,सूखे मेवे ,वस्त्र मिठाई ,आभूषण समेत राम लला के लिए धोती गमछा और बनियान तक शामिल है ।यह सभी सामग्री जनकपुर वासी खुशी खुसी से भेज रहे है और इसकी तैयारी जोर शोर से चल रही है ।आगामी 3 जनवरी को जनकपुर से मिथिला के लिए 500 की तादाद में लोग यहां से निकलेंगे ,जंगल के रास्ते यह काफिला हाईवे पर मिलेगा ।4 जनवरी को नेपाल के चंद्रपुर होते हुए रक्सौल जायेंगे फिर बेतिया में रात्रि विश्राम होगा । 5 जनवरी को कुशीनगर गोरखपुर होते हुए शाम को अयोध्या पहुंचेंगे और रात्रि विश्राम वही होगा।6 जनवरी को नेपाल के लोगो के द्वारा घरवाश की सामग्री रामजन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपी जाएगी ।जनकपुर के राम जानकी मंदिर के महंत रौशन दस ने बताया की अब तक इस पूरी प्रक्रिया को लेकर नेपाल में सरकारी अधिकारी और पर्यटन विभाग के साथ कुल पांच बैठके की जा चुकी है इसी प्रकिया के तहत रामजन्मभूमि ट्रस्ट से बात हो चुकी है ।
नए गृह प्रवेश को लेकर जनकपुरवासी उत्साहित ,कीमती सामान नेपाल से आगामी 3 जनवरी को अयोध्या के लिए होंगी रवाना।
