डोम्बारी बुरू उलगुलान शहीद मेला 2026 में शामिल हुईं मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, शहादत को बताया आदिवासी संघर्ष का प्रतीक

डोम्बारी बुरू उलगुलान शहीद मेला 2026 में शामिल हुईं मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, शहादत को बताया आदिवासी संघर्ष का प्रतीक
खूंटी। खूंटी जिला प्रशासन एवं बिरसा उलगुलान डोम्बारी बुरू मेला समिति के तत्वावधान में आयोजित उलगुलान शहीद मेला 2026 में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया और उनके वंशज सुखराम मुंडा को सम्मानित करते हुए उनसे आशीर्वाद लिया।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि डोम्बारी बुरू ऐतिहासिक लड़ाई की स्मृति स्थल है, जिसे ब्रिटिश सेना-पुलिस और बिरसा मुंडा के अनुयायियों के बीच हुई जंग में शहीदों की भूमि के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि यह स्थल आदिवासी समाज के संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है, जिसके सामने वे स्वयं को बहुत छोटा महसूस करती हैं।
उन्होंने कहा कि मुंडा समाज का संघर्ष, त्याग और बलिदान शब्दों में बयां करना संभव नहीं है, इसे केवल महसूस किया जा सकता है। मुंडा समाज ने हमेशा समाज के हित में समर्पण भाव से कार्य किया है। मंत्री ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए पहले भी यह धरती खून से लथपथ हुई है और आज भी यदि इनकी रक्षा के लिए शहादत देनी पड़ी, तो आदिवासी समाज इसके लिए तैयार है।
मंत्री ने आदिवासी समाज की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में समाज अभी भी पिछड़ा हुआ है। समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा का अलख जगाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि शिक्षा से ही बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने समाज को बांटने वाली ताकतों से सचेत रहने और सामूहिकता व एकजुटता के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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