झारखंड हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद शनिवार को राजधानी रांची स्थित राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) परिसर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।


झारखंड हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद शनिवार को राजधानी रांची स्थित राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) परिसर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। 72 घंटे की अंतिम समयसीमा पूरी होते ही सुबह से ही रिम्स प्रशासन और रांची जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर कार्रवाई शुरू की।

इस दौरान सैकड़ों झुग्गी-झोपड़ी और कच्चे–पक्के मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। अभियान के चलते दर्जनों परिवार बेघर हो गए और खुले आसमान तले रहने को मजबूर हैं। कई प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे पिछले 15 से 17 वर्षों से रिम्स परिसर की जमीन पर मकान बनाकर रह रहे थे।

अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। महिलाएं और बच्चे रोते-बिलखते नजर आए। एक बुजुर्ग महिला ने फफकते हुए कहा —
“17 साल से यहीं रह रहे हैं, बच्चे यहीं पैदा हुए… अब रात कहां गुजरेगी, कुछ समझ में नहीं आ रहा।”

प्रशासन की ओर से बताया गया कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है और रिम्स परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराना जरूरी था ताकि अस्पताल के विस्तार और विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।

हालांकि, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं है। प्रभावित लोगों की मांग है कि उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था या उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे फिर से अपने जीवन को फिर से संवार सकें।

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