गड़खा बाजार स्थित कैलाश आश्रम में दोनों ने हिंदू रीति रिवाज के साथ एक दूसरे को अपना जीवन साथी बना लिया।
इस शादी को देखने के लिए मंदिर में लोगों की भारी भीड़ जुटी थी। सात फेरों के बाद प्रेमी युगल को परिजनों ने और वहां मौजूद लोगों ने उनके खुशमय जीवन का आशीर्वाद दिया।
अरसे से दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे। प्यार धीरे-धीरे परवान चढ़ता गया। इसके बाद दोनों ने शादी करने का मन बना लिया, लेकिन धर्म आड़े आने लगा।
इसके बाद गांव में इसको लेकर पंचायत बैठी। दोनों के परिजन मजहब की दीवार तोड़ इस शादी को राजी हो गए और दोनों ने मंदिर में शादी रचा ली
और इसके बाद दोनों हमेंशा के लिए एक दूसरे के हो गए।
एक हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की ने मंदिर में शादी रचा ली।
