आदिवासी अस्मिता और झारखंड आंदोलन के प्रतीक, दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के अवसर पर रविवार को मोरहाबादी, रांची स्थित स्वर्गीय गुरुजी के पूर्व आवास पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी माता रूपी सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन एवं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गुरुजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के जननायक, आदिवासी समाज के गौरव और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक थे। उनका संघर्ष, विचार और नेतृत्व आज भी राज्य की दिशा तय करने में प्रेरणास्रोत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि गुरुजी का सपना एक न्यायपूर्ण, स्वाभिमानी और सशक्त झारखंड का था, जिसे साकार करने का संकल्प राज्य सरकार ने लिया है।
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मंत्री श्री हफ़ीजुल हसन, श्री सुदिव्य कुमार, राज्यसभा सांसद श्रीमती जोबा माजी, झामुमो के वरिष्ठ नेता श्री विनोद पांडे, श्री सुप्रियो भट्टाचार्य सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने गुरुजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के दिखाए मार्ग पर चलने तथा झारखंड की समग्र प्रगति और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए सतत संघर्ष का संकल्प लिया।




